UP: सावन माह और कांवड़ यात्रा की शुरुआत से पहले फिरोजाबाद जिले का प्रमुख कांवड़ मार्ग बदहाल स्थिति में है। एटा सीमा से जसराना, शिकोहाबाद और नौरंगी घाट होते हुए आगरा सीमा तक करीब 70 किलोमीटर लंबा यह मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और जलभराव श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बने हुए हैं।
हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा अहम रास्ता
यह मार्ग उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी जैसे जिलों से आने वाले कांवड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हर वर्ष बड़ी संख्या में शिवभक्त इसी रास्ते से गुजरते हुए बटेश्वर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में मार्ग की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
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रपड़ी गांव के पास सड़क सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त
शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग पर थाना नसीरपुर क्षेत्र के रपड़ी गांव के पास सड़क की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। यहां बड़े-बड़े गड्ढों में लंबे समय से गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बरसात के चलते स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
हादसों का खतरा, ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजरेंगे। ऐसे में जलभराव और गड्ढों की वजह से यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहेगा।
मरम्मत और जलनिकासी की उठी मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि कांवड़ियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बाधारहित आवागमन की सुविधा मिल सके।
















































