मिर्जापुर: 64 करोड़ रुपये की लागत से सेतु निगम द्वारा निर्मित आमघाट रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच रोड धंस जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह ओवरब्रिज करीब चार महीने पहले ही आम जनता के आवागमन के लिए शुरू किया गया था, लेकिन पहली ही बरसात में एप्रोच सड़क धंसने की घटना ने पूरे निर्माण कार्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने आनन-फानन में ओवरब्रिज पर आवागमन रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मौके पर अधिकारियों की टीम पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की तैयारी की जा रही है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं बरती गईं और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से हुआ होता तो पहली ही बारिश में सड़क नहीं धंसती। लोगों ने इस पूरे मामले में विभागीय भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस घटना के बाद करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनहित की परियोजनाओं में लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और मरम्मत कार्य पूरा होने तक बंद किए गए मार्ग पर जाने से बचें। मामले की जांच जारी है और संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।



















































