UP: रायबरेली जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक, वीडियो बनाने पर भी सख्ती

UP: रायबरेली जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था को बेहतर बनाने और लगातार सामने आ रहे विवादों पर रोक लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के निर्देश पर इमरजेंसी वार्ड के बाहर और अस्पताल परिसर में नोटिस चस्पा किए गए हैं। इसके तहत बिना अनुमति बाहरी लोगों के इमरजेंसी में बैठने और अनधिकृत रूप से वीडियो बनाने पर रोक लगा दी गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद बढ़ी सख्ती

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, पिछले दिनों जिला अस्पताल से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इनमें मरीजों को बाहर की दवाएं लिखे जाने, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच विवाद तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप से जुड़े मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे थे।

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इमरजेंसी में अनावश्यक भीड़ से इलाज प्रभावित

सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों के उपचार में परेशानी होती है। कई बार अनावश्यक भीड़ के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। इसी को देखते हुए इमरजेंसी क्षेत्र में केवल मरीजों और आवश्यक तीमारदारों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति वीडियो बनाने, इमरजेंसी व्यवस्था में बाधा डालने या परिसर में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमएस ने कहा कि अस्पताल में इलाज की व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर परिस्थितियों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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मरीजों की शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश

अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी मरीजों और उनके तीमारदारों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कर्मचारियों से कहा है कि किसी जानकारी या सहायता के लिए आने वाले लोगों को सही सूचना उपलब्ध कराई जाए और उनकी समस्या का यथासंभव तत्काल निस्तारण किया जाए। प्रशासन का कहना है कि इससे अस्पताल परिसर में अनावश्यक भीड़ कम होगी और इमरजेंसी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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