रायबरेली: जिले में विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर प्रशासन के दावों पर सीएम डैशबोर्ड की ताजा रैंकिंग ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले महीने 46वें स्थान पर रहा रायबरेली इस बार 18 पायदान फिसलकर 64वें स्थान पर पहुंच गया है। रैंकिंग में आई इस गिरावट से कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों की लगातार समीक्षा और निर्देशों के बावजूद योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
बैठकों और चेतावनियों के बाद भी नहीं बदली विभागों की कार्यप्रणाली
शासन की ओर से हर महीने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सीएम डैशबोर्ड पर जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। पिछली समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों को सुधार के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं में प्रगति लाने की हिदायत भी दी गई थी, लेकिन ताजा रैंकिंग में इसका खास असर नजर नहीं आया।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को मिला डी ग्रेड
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह से जुड़ी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की स्थिति चिंताजनक सामने आई है। योजना के प्रदर्शन को डी ग्रेड मिला है। इसके अलावा हर घर नल योजना भी अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सकी और उसे सी ग्रेड दिया गया। ग्रामीण जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं की धीमी प्रगति के चलते आम लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क, पुल और फैमिली आईडी योजनाओं की रफ्तार भी धीमी
निर्माण कार्यों की स्थिति भी जिले की रैंकिंग को प्रभावित करने वाली रही। सड़क निर्माण को बी, जबकि सेतु निर्माण को सी ग्रेड मिला है। वहीं फैमिली आईडी योजना सी ग्रेड और पर्यटन विकास कार्य बी ग्रेड पर रहे। इन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने से जिले की समग्र रैंकिंग नीचे गई है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समय पर काम पूरा कराने की जरूरत सामने आई है।
स्वास्थ्य से लेकर आवास तक कई योजनाएं पिछड़ीं
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जननी सुरक्षा योजना को बी ग्रेड मिला है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रचार-प्रसार, लोक शिकायतों के निस्तारण, ग्राम्य विकास विभाग की एनआरएलएम योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं रहा। लगातार निगरानी के बावजूद कई योजनाओं की प्रगति कमजोर रहने से रायबरेली की रैंकिंग प्रभावित हुई है। अब प्रशासन के सामने पिछड़े विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार कर जिले को बेहतर पायदान पर लाने की चुनौती है।



















































