UP: मिर्जापुर घर पर खड़ी बाइक के वाराणसी में कट रहे चालान, फर्जी नंबर प्लेट ने बढ़ाई मजदूर की परेशानी

UP: मिर्जापुर में डिजिटल व्यवस्था के दौर में भी एक मजदूर के लिए सिस्टम की खामी बड़ी मुसीबत बन गई है।यूपी के मिर्ज़ापुर जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत रेही गांव निवासी गंगासागर की बाइक घर पर खड़ी रहती है, लेकिन उसके नाम पर वाराणसी में बार-बार चालान कट रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वह लहंगपुर में कपड़ा सिलाई की दूसरे के यहां मजदूरी करता है।

जानिए क्या है पूरी खबर

बाइक घर पर खड़ी रहती है और उसका उपयोग भी नहीं होता, फिर भी चालान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगासागर गुरुवार को अपनी फरियाद लेकर लहंगपुर पुलिस चौकी पहुंचे। बताया कि वाराणसी से यातायात पुलिस का फोन आया था की तुम्हारी बाइक कहा पर है, गंगासागर ने बाइक का हुलिया बताने के साथ बताया की हमारी बाइक लालगंज थाना क्षेत्र के रेही गांव में घर पर हैं।

भुक्तभोगी को बताया गया की उसकी बाइक पर दो हजार से अधिक का चालान काटा गया है। वाराणसी पुलिस को चालान का स्टेटस चेक करने पर पता चलता है कि किसी दूसरी बाइक पर उनके नंबर की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। गंगासागर की वास्तविक बाइक एचएफ डिलक्स है, ‘ग्लैम्बर’ नहीं है, फिर भी उसी मॉडल की गाड़ी पर नंबर प्लेट दिखाकर चालान काटे जा रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। इसके पहले भी हमारी बाइक नंबर लगाकर चालान हुआ है।इसके समाधान के लिए वाराणसी पुलिस को अपनी बाइक का पेपर और फोटो भेज दिया हूं लेकिन अभी समाधान नहीं निकल पाया।

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लहंगपुर पुलिस चौकी में शिकायत की तो 1076 पर कॉल करने की सलाह मिली। मुख्यमंत्री कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। गंगासागर कहते हैंजहां-जहां चालान कटेगा, वहां-वहां कैसे जाऊं? मजदूरी कर परिवार पालते हैं, मीरजापुर और वाराणसी में भटकना संभव मेरे लिए नहीं है। गंगासागर का कहना है कि जब हमारा वाहन मीरजापुर में ही पंजीकृत हैं। तो नोटिस भेजकर जांच कराई जा सकती है। उनका सवाल है कि आखिर आम आदमी कब तक सिस्टम की खामियों का बोझ उठाता रहेगा। अधिवक्ता संभ्रांत नागरिक प्रभाशंकर दुबे का कहना है कि यह मामला न केवल फर्जी नंबर प्लेट के खतरे की ओर इशारा करता है, बल्कि डिजिटल चालान व्यवस्था की सटीकता पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार विभाग इस पीड़ित को कब राहत दिला पाते हैं।

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