मथुरा: ग्वालियर बाईपास पर रविवार को एएनटीएफ ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.51 क्विंटल गांजा बरामद किया। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए गांजे को जैविक खाद के बीच छिपा रखा था। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अलीगढ़ का कथित सरगना मुकुल फरार हो गया। पुलिस ने गांजे की कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपये बताई है।
एएनटीएफ के सीओ उमेश पवार के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर टीम ने ग्वालियर बाईपास स्थित प्रस्तावित जैन मंदिर, रैपुरा जाट के फील्ड के पास ट्रक को रोककर तलाशी ली। ट्रक में जैविक खाद लदी हुई थी। तलाशी लेने पर खाद के बीच छिपाकर रखा गया 2 क्विंटल 51 किलो गांजा बरामद हुआ। मौके से एक बलेनो कार भी जब्त की गई।पुलिस ने मौके से ललित कुमार गवाना निवासी अलीगढ़, हरेंद्र कुमार निवासी लक्ष्मणगिरी, खैर, अलीगढ़ और अभिजीत शर्मा निवासी अलीगढ़ को गिरफ्तार किया। इनके अलावा ट्रक चालक जयंतो हलधर और विद्युत हलधर, दोनों निवासी ओडिशा को भी पकड़ा गया है।
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पूछताछ में खैर, अलीगढ़ निवासी मुकुल का नाम कथित तौर पर मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मुकुल फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप ओडिशा में कहां से लाई गई थी और इसे मथुरा क्षेत्र में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
कार्रवाई के दौरान एएनटीएफ निरीक्षक हरवेंद्र मिश्रा, एसआई गौरव, अजीत बिसाद, दीपू, लखन, अचल और रंधीर शामिल रहे। क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी प्रवीण कुमार तिवारी और कस्बा इंचार्ज फरह भी मौके पर मौजूद रहे।
एएनटीएफ की डेढ़ माह के भीतर गांजा तस्करी के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले फरह कस्बे में भी गांजे की खेप पकड़ी गई थी। लगातार हो रही कार्रवाई से तस्करी से जुड़े लोगों में खलबली मची है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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