Rakhi 2026: इस साल 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या ग्रहण के दौरान राखी का त्योहार मनाना शुभ रहेगा या इसके मुहूर्त में बदलाव करना पड़ेगा। धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए इस संयोग को लेकर लोगों में असमंजस है।
हर ग्रहण का धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाता
धर्म-शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार किसी ग्रहण का धार्मिक प्रभाव तभी माना जाता है, जब वह संबंधित देश या क्षेत्र में दिखाई दे। यानी दुनिया के किसी दूसरे हिस्से में लगने वाला ग्रहण, जो भारत से दिखाई ही न दे, उसका यहां धार्मिक कार्यों पर प्रभाव नहीं माना जाता। इसी आधार पर रक्षाबंधन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होती है।
भारत में दिखाई नहीं देगा चंद्रग्रहण
28 अगस्त 2026 को पड़ने वाला चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में इस ग्रहण के कारण रक्षाबंधन के पर्व पर किसी तरह की धार्मिक पाबंदी लागू नहीं होगी। भाई-बहन सामान्य तरीके से त्योहार मना सकते हैं और राखी बांधने के लिए पंचांग में बताए गए शुभ समय का पालन किया जा सकता है।
इस समय बांधी जा सकेगी राखी
पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। वहीं चंद्रग्रहण सुबह 8 बजकर 4 मिनट से 11 बजकर 21 मिनट तक बताया गया है। दोनों समय में कुछ अंतर होने के बावजूद भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर इसका धार्मिक असर नहीं माना जा रहा है।
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बिना किसी बदलाव के मना सकेंगे रक्षाबंधन
इस तरह 28 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार की तारीख या शुभ मुहूर्त में बदलाव की जरूरत नहीं होगी। बहनें निर्धारित शुभ समय में भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। हालांकि, धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर अलग-अलग परंपराओं का पालन करने वाले लोग अपने परिवार या स्थानीय ज्योतिषाचार्य की मान्यता के अनुसार निर्णय ले सकते हैं।
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