UP: घाघरा का जलस्तर 7 सेंटीमीटर घटा, फिर भी खतरे के निशान से 39 सेमी ऊपर, कई गांव बाढ़ की चपेट में

बाराबंकी: केंद्रीय जल आयोग के अनुसार घाघरा नदी के जलस्तर में गुरुवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.460 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के लाल निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर है। बुधवार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 106.530 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर था। इस तरह गुरुवार को जलस्तर में 7 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है।

जलस्तर में गिरावट से ग्रामीणों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन नदी अभी भी डेंजर लेवल के ऊपर प्रवाहित हो रही है। नेपाल से गिरिजा तथा शारदा बैराजों के माध्यम से यदि दोबारा बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया तो घाघरा के जलस्तर में फिर तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका बनी हुई है। इसी कारण नदी के किनारे बसे तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बरकरार है।

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खतरे के निशान के आसपास नदी के बहने से रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर, सुंदरनगर सहित दर्जनों गांव और ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। कई स्थानों पर ग्रामीणों के घर नदी की कटान की जद में आ चुके हैं, जबकि कुछ घर नदी में समा भी गए हैं। हेमपुर क्षेत्र में कटान के कारण एक मंदिर भी नदी में समा गया।

बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन लगातार मौके पर पहुंच रहा है। जिलाधिकारी बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह, हापुड़ जिलाधिकारी निरंकार सिंह, रामनगर एसडीएम आकांक्षा गुप्ता तथा तहसीलदार विपुल सिंह समेत अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ दोनों समय का भोजन भी कराया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से सतर्क रहने और नदी के जलस्तर पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है।

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