हाउस टैक्स सर्वर में बड़ी गड़बड़ी, 10 हजार का बिल अचानक पहुंचा 10 लाख ! ज़ोन-1 में सैकड़ों लोगों के उड़े होश

लखनऊ : लखनऊ नगर निगम (LMC) के हाउस टैक्स सर्वर में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। कई बकायेदारों को उनके सामान्य हाउस टैक्स बिल में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई। जहां पहले 10 हजार रुपये का बिल आता था, वहीं अब वह 10 लाख रुपये तक पहुंच गया है। खासकर **ज़ोन-1** में सैकड़ों लोगों के बिल लाखों में आ गए हैं, जिससे टैक्स बकायेदारों में भारी रोश और परेशानी फैल गई है।

क्या है पूरा मामला?

नगर निगम के हाउस टैक्स सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी के कारण बिल गलत तरीके से जनरेट हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बिल में 10% बढ़ोतरी होनी थी, लेकिन सॉफ्टवेयर ग्लिच की वजह से वह 100% बढ़ गया। इस गड़बड़ी से आम नागरिकों को भारी आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। कई लोगों ने शिकायत की कि उनका सालाना टैक्स बिल रातोंरात दस गुना से भी ज्यादा हो गया।

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ज़ोन-1 के ज़ोनल अफसर ओम प्रकाश पर लापरवाही का आरोप

ज़ोन-1 के ज़ोनल अधिकारी ओम प्रकाश पर इस गड़बड़ी को नजरअंदाज करने और लापरवाही बरतने का आरोप लग रहा है। बकायेदारों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। अब इस मामले में नगर निगम की पूरी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई और सर्वर को अपडेट करने में कौन सी लापरवाही हुई?

बकायेदारों की परेशानी

– कई मध्यम वर्गीय परिवारों को 10-15 हजार रुपये के बिल की जगह 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का बिल मिला।
– कुछ लोगों ने बताया कि वे टैक्स जमा करने गए तो काउंटर पर स्टाफ भी हैरान रह गया।
– सोशल मीडिया पर इस गड़बड़ी के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, जिससे नगर निगम की छवि पर असर पड़ रहा है।

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नगर निगम का रुख

नगर निगम प्रशासन ने इस गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए कहा है कि मामला संज्ञान में है। तकनीकी टीम सर्वर चेक कर रही है और गलत बिलों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रभावित बकायेदारों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और अपने पुराने बिल के आधार पर या शिकायत दर्ज कराकर सुधार करवाएं।

क्या करें प्रभावित लोग?

– तुरंत अपने जोनल कार्यालय या नगर निगम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
– पुराना बिल और नया बिल दोनों की कॉपी रखें।
– अगर बिल में बहुत ज्यादा अंतर है तो लिखित आवेदन दें।
– आवश्यकता पड़ने पर महापौर या नगर आयुक्त कार्यालय में भी शिकायत की जा सकती है।

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बार-बार होने वाली गड़बड़ियां

यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ नगर निगम के हाउस टैक्स सिस्टम में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं। पहले भी GIS सर्वे और सेल्फ असेसमेंट में फर्जीवाड़े तथा गलत बिलों की शिकायतें आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सॉफ्टवेयर को अपडेट और स्टाफ ट्रेनिंग की तुरंत जरूरत है।