मथुरा : विकास खंड फरह क्षेत्र में किसानों ने विद्युत विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बलरई और मखदूम फीडरों पर निजी नलकूप और ग्रामीण आपूर्ति अलग-अलग लाइनों से हो रही है, जिससे रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली मिल रही है। इसके विपरीत, रैपुरा जाट फीडर की स्थिति खराब बताई जा रही है।
इस फीडर से सलेमपुर, शहजादपुर, पोरी, जलाल, रोषू, रैपुरा जाट, बधाया सहित कई गांव जुड़े हुए हैं और निजी नलकूपों का लोड भी इसी पर है। अधिक लोड के कारण रोजाना फॉल्ट हो रहे हैं, जिससे किसान और ग्रामीण दोनों परेशान हैं। रैपुरा जाट गांव में तो बाजार क्षेत्र को भी सीमित समय के लिए ही बिजली मिल पा रही है।
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क्षेत्र के समाजसेवी और किसान नेताओं विक्रम सिंह एडवोकेट, सतीश चौधरी, जितेंद्र चौधरी, संदीप चौधरी, दुष्यंत चौधरी, वीरपाल प्रधान और रविंद्र चौधरी ने विद्युत अधिकारियों से मांग की है कि रैपुरा जाट फीडर से निजी नलकूपों का लोड कम किया जाए और ग्रामीण आपूर्ति के लिए अलग फीडर बनाया जाए, ताकि सभी को रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
इस मामले में एसडीओ फरह देवेंद्र सिंह ने बताया कि रैपुरा जाट फीडर के लिए निजी नलकूपों की अलग लाइन बनाने में रूट नहीं मिलने के कारण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।














































