फतेहगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती, नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और डीएल निरस्तीकरण के निर्देश

फर्रुखाबाद : फतेहगढ़ के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा।

बैठक के दौरान यातायात विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी। मार्च 2026 तक जिले में 127 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 89 लोगों की मौत हुई। वहीं पिछले साल मार्च 2025 तक 98 हादसों में 62 लोगों की जान गई थी। इन आंकड़ों में बढ़ोतरी को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

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अध्यक्ष ने पिछले तीन वर्षों (2023-2025) के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए पुलिस विभाग को नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने को कहा। साथ ही इन खतरनाक स्थानों पर संकेतक बोर्ड, सड़क मरम्मत, स्पीड ब्रेकर और बेहतर रोशनी जैसी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-19 के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। स्पष्ट किया गया कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि इस दिशा में एक चालक का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है।

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इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने, जनजागरूकता अभियान चलाने और स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।