केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कफ सिरप समेत सभी सिरप आधारित दवाओं की खरीद को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब इन दवाओं को बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं खरीदा जा सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
ड्रग्स रूल्स में किया गया अहम संशोधन
सरकार ने ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026’ के तहत ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में बदलाव किया है। यह संशोधन 9 जून 2026 को राजपत्र में अधिसूचित किया गया था। इसके बाद सिरप श्रेणी की दवाएं अब पहले की तरह छूट प्राप्त सूची में नहीं रहेंगी और उन पर सामान्य नियामकीय प्रावधान लागू होंगे।
शेड्यूल K से हटाया गया ‘सिरप’ शब्द
संशोधन के तहत ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची-K के क्रमांक 13 में शामिल आइटम संख्या (7) से ‘सिरप’ शब्द को हटा दिया गया है। शेड्यूल-K में उन दवाओं की श्रेणियां शामिल थीं, जिन्हें कुछ विशेष शर्तों के तहत ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ के कुछ प्रावधानों से छूट दी गई थी। अब इस सूची से बाहर होने के बाद सिरप वाली दवाओं की बिक्री पर अधिक निगरानी रहेगी।
जनता और संबंधित पक्षों से मांगे गए थे सुझाव
इस फैसले से पहले केंद्र सरकार ने 29 दिसंबर 2025 को एक मसौदा अधिसूचना जारी कर विभिन्न हितधारकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की थीं। मंत्रालय के अनुसार, प्राप्त सभी प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम नियमों को मंजूरी दी गई।
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तकनीकी बोर्ड की सलाह के बाद जारी हुआ आदेश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय ‘ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड’ से परामर्श के बाद लिया गया है। ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940’ के तहत बनाए गए ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ देश में दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण को नियंत्रित करते हैं। नए नियम लागू होने के बाद अब सिरप आधारित दवाओं की खरीद के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी।
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