Noida Labour Protest: नोएडा प्रोटेस्ट केस NHRC और NCPCR तक पहुंचा, नाबालिगों की अवैध हिरासत में रखने का आरोप

Noida Labour Protest: नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई अब एक बड़े कानूनी और मानवाधिकार मुद्दे में बदलती दिख रही है। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के समक्ष याचिका दायर की गई है।

मामला आयोग तक पहुंचा

एडवोकेट सुभाष चंद्रन के.आर. ने दोनों आयोगों में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों, जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं, को अवैध रूप से हिरासत में लिया। याचिका में इन सभी की तत्काल रिहाई की मांग की गई है।

नाबालिगों की हिरासत पर उठे सवाल

शिकायत में विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई गई है कि बच्चों को पुलिस कस्टडी में रखना कानून के खिलाफ है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि बाल संरक्षण से जुड़े नियमों की भी अनदेखी है।

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निष्पक्ष जांच की मांग

याचिका में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस ने किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया गया है।

पीड़ितों के लिए मुआवजे की अपील

सिर्फ रिहाई ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जिन लोगों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

आगे क्या?

अब इस मामले में सभी की निगाहें आयोगों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रकरण में जल्द ही कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, जिससे सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को राहत मिल सके।

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