सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डेन आवर में मिल सकेगा त्वरित निःशुल्क इलाज, पीएम-राहत से सम्बद्ध अस्पतालों में सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का होगा कैशलेस इलाज

गोरखपुर। जिले में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डेन आवर में इलाज कराने में अब धन की बाधा आड़े नहीं आएगी। सरकार की पीएम-राहत योजना से सम्बद्ध किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती कर उनका त्वरित निःशुल्क कैशलैश इलाज किया जाएगा। योजना के अनुसार उन्हें सात दिनों तक 1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज दिया जाएगा। सीएमओ डॉ राजेश झा की अध्यक्षता में योजना के क्रियान्वयन को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के प्रेरणा श्री सभागार में करीब 25 बड़े निजी अस्पतालों का अभिमुखीकरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ), पुलिस अधीक्षक यातायात (एसपी ट्रैफिक), नोडल अधिकारी और तकनीकी टीम ने महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

सीएमओ डॉ झा ने बताया कि पीएम-राहत योजना से आयुष्मान भारत योजना के उन अस्पतालों के सम्बद्ध किया गया है जिनमें मेडिसिन, आर्थो और इमर्जेंसी जैसी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। सिर्फ सड़क दुर्घटना के मरीजों को ये अस्पताल इस योजना के तहत तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू कर देंगे। इसके बाद टीएमएस 2.0 पोर्टल के जरिये ही निर्धारित प्रक्रिया पूरी करेंगे। पोर्टल के जरिये ही पुलिस से सड़क दुर्घटना के मामलों की पुष्टि कर अनुमति ली जाएगी। पीड़ितों को सात दिनों तक या फिर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक ही कैशलेश इलाज दिया जाएगा। इससे अधिक दिन के इलाज या 1.50 लाख से अधिक की धनराशि के इलाज पर लाभार्थी को खुद भुगतान करना होगा। योजना का लाभ जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती सड़क दुर्घटना पीड़ितों को भी मिल सकेगा।

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इसी कड़ी में सीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार (पीएम-राहत) योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों, उपचार प्रक्रिया, क्लेम निस्तारण प्रणाली एवं टीएमएस 2.0 पोर्टल के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराना है। यह योजना देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, ग्रामीण एवं शहरी सड़कों सहित सभी प्रकार की सड़कों पर होने वाली मोटर वाहन दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों पर लागू है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ झा ने निजी चिकित्सालयों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को बिना विलंब आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा योजना के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन करते हुए टीएमएस 2.0 पोर्टल पर समयबद्ध पंजीकरण एवं आवश्यक अभिलेख अपलोड करना भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही साथ संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

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