सहारनपुर : नगर निगम की सफाई व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के तत्वावधान में चल रहा धरना-प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजरों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।धरने में सैकड़ों की संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए।
कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निजीकरण वापस लेने और ठेका व संविदा सफाई कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की मांग उठाई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।छह दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। भीषण गर्मी के बीच बाजारों, मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है। शहर की प्रमुख नेहरू मार्केट, दवाई मार्केट, मोबाइल मार्केट समेत कई इलाकों में गंदगी का अंबार दिखाई दे रहा है।
सफाई यूनियन के पदाधिकारियों ने नगर निगम गैरेज पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया और कई विभागों में कामकाज बंद करा दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो ईद के मौके पर भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह बंद रखी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
उधर, नगर निगम महापौर डॉ. अजय कुमार के साथ यूनियन की वार्ता लगातार जारी है, लेकिन अब तक किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी है। यूनियन नेताओं का कहना है कि निजीकरण की प्रक्रिया वापस लेने और ठेका कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था और स्मार्ट सिटी की बदहाल तस्वीर को लेकर अब आम जनता भी परेशान नजर आ रही है।













































