सीतापुर: जनपद में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बुधवार को विकास खंड बिसवां के प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर स्थित एएनएम सेंटर एवं आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीएचएनडी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) सत्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग और आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली में कई कमियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। सबसे पहले जिलाधिकारी ने एएनएम सेंटर पहुंचकर वहां चल रहे टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने एएनएम से क्षेत्र की आबादी, गर्भवती महिलाओं की संख्या तथा नियमित टीकाकरण की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन कर अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति की जांच की।
इस दौरान जिलाधिकारी ने ब्लड प्रेशर मशीन के संचालन की स्थिति देखी और एएनएम से मशीन चलाने को कहा, लेकिन सही तरीके से संचालन न हो पाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को उपकरणों के संचालन में पूरी दक्षता होनी चाहिए, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं इन्हीं केंद्रों पर निर्भर करती हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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वीएचएनडी सत्र के दौरान जिलाधिकारी ने टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पूछा कि जो महिलाएं किसी कारणवश सत्र में उपस्थित नहीं हो पातीं, उनके लिए क्या व्यवस्था है। इस पर कर्मचारियों ने जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समन्वय बनाकर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रह जाए।
उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर दिया और निर्देशित किया कि छूट गई महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें शीघ्र टीकाकरण केंद्र तक लाया जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने वैक्सीनेशन किट का भी निरीक्षण किया। किट की स्थिति खराब पाए जाने और रखरखाव में लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव को संबंधित एएनएम के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
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आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यकत्री से बच्चों और महिलाओं को वितरित किए जा रहे पुष्टाहार की जानकारी ली। उन्होंने सैम (गंभीर कुपोषित) और मैम (मध्यम कुपोषित) बच्चों से संबंधित रजिस्टरों का भी अवलोकन किया और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए।
अंत में जिलाधिकारी ने वीएचएनडी सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने और लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से संबंधित विभागों में हलचल बनी रही।















































