UP: बांदा जिले के अतर्रा थाना क्षेत्र में बिजली चोरी की जांच के दौरान विद्युत विभाग की टीम पर कथित हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों को एक घर के भीतर बंद कर उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, टीम को एलपीजी सिलेंडर के जरिए जिंदा जलाने का भी प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिजली चोरी के पुराने मामले की हो रही थी जांच
घटना बरेहंडा गांव की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गांव निवासी राजेश कुशवाहा करीब सात महीने पहले बिना वैध बिजली कनेक्शन के आटा चक्की संचालित करते हुए बिजली चोरी के मामले में पकड़ा गया था। उस समय उस पर 2.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बाद में उसने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की दोबारा जांच की मांग की। इसी शिकायत के निस्तारण के लिए एसडीओ विमलेश पटेल के निर्देश पर अवर अभियंता अजय कनौजिया के नेतृत्व में विभागीय टीम गांव पहुंची थी।
Also Read: ‘बिजली संकट से बेहाल सहारनपुर…’, रातभर कटौती ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
गेट बंद कर टीम को बंधक बनाने का आरोप
विभाग का आरोप है कि जांच शुरू होते ही राजेश कुशवाहा और उसके परिजन भड़क गए। आरोपियों ने पहले विभागीय कर्मचारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की, फिर घर का मुख्य गेट बंद कर पूरी टीम को अंदर ही रोक लिया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। टीम में शामिल जेई विजय बहादुर ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल कर सभी को जिंदा जलाने की कोशिश भी की। किसी तरह अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कराया सुरक्षित रेस्क्यू
सूचना मिलते ही अतर्रा थाना प्रभारी राकेश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घर का गेट खुलवाकर अंदर फंसे विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। मारपीट में घायल कर्मचारियों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी।
Also Read: 16 घंटे से अंधेरे में 260 गांव! UP के इस जिले में बारिश के बाद बिजली व्यवस्था ध्वस्त
आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच जारी
इस मामले में पुलिस ने विद्युत विभाग की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमले की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



