बाराबंकी: लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एल्गिन ब्रिज-संजय सेतु के नीचे बह रही घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के लाल निशान से नीचे पहुंच गया। जलस्तर में लगातार कमी आने से नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और नदी का पानी धीरे-धीरे घट रहा है।
केंद्रीय जल आयोग की निगरानी में सोमवार सुबह घाघरा नदी के जलस्तर की स्थिति दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार की रिपोर्ट के अनुसार सुबह 10 बजे नदी का जलस्तर 105.850 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के लाल निशान से करीब 22 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले दिनों नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर तटवर्ती इलाकों में चिंता बनी हुई थी, लेकिन अब पानी कम होने से स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है।
घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही थी। नदी के जलस्तर में आई गिरावट को राहत भरा संकेत माना जा रहा है। फिलहाल नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे है और किसी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। तटवर्ती गांवों में भी सामान्य स्थिति बनी हुई है।
वहीं, शारदा बैराज और गिरिजा बैराज से छोड़े जा रहे पानी को लेकर भी निगरानी जारी है। अधिकारियों के अनुसार बैराजों से छोड़ा गया पानी तत्काल एल्गिन ब्रिज तक नहीं पहुंचता। पानी को यहां पहुंचने में करीब 24 घंटे का समय लगता है। ऐसे में आने वाले समय में जलस्तर पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर निगरानी की जा रही है।
फिलहाल सोमवार को घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से नीचे आ जाने से रामनगर तहसील क्षेत्र में राहत की स्थिति है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी के घटते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्र के लोगों ने भी राहत महसूस की है।



















































