‘हर व्यक्ति नहीं बन सकता शंकराचार्य’, अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सदन में बोले CM योगी,अखिलेश ने कहा- इन्हें योगी का सर्टिफिकेट किसने दिया

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में बात रखी। योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। मैं भी नहीं। मेरा मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून को मानना चाहिए। अगर सपा के लोग उसे पूजना चाहते हैं तो पूजें।

सीएम योगी ने सपा और शंकराचार्य पर कसा तंज

सीएम ने सदन में कहा माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर पूरे प्रदेश में घूम जाएगा? क्या कोई मंत्री का बोर्ड लगाकर घूम जाएगा? क्या कोई सपा का अध्यक्ष बनकर प्रदेश में घूम जाएगा? नहीं…। एक सिस्टम है, एक व्यवस्था है।योगी ने कहा- भारत के सनातन धर्म में भी यही व्यवस्था है। सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है। सदन की व्यवस्था देखिए, यहां भी परंपरा है। सदन नियम से संचालित होता है।

माघ मेले में मौनी अमावस्या पर साढ़े 4 करोड़ लोग आए थे। सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई। कानून सबके लिए बराबर होता है। मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए है। कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। मेरा यह मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून मानना चाहिए।
सीएम ने कहा- देश के अंदर शंकराचार्य की पवित्र परंपरा है। जगद्गुरू शंकराचार्य ने देश के चार कोनों में चार पीठों की स्थापना की। उत्तर में ज्योतिष पीठ की स्थापना, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका। चार पीठ के चार वेद हैं। ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इनके सबके अपने मंत्र हैं। आदि जगत गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया कि जिस पीठ के लिए जो पात्र होगा, उसे परंपरा के अनुसार मान्य किया गया।

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योगी ने कहा सपा पर तंज कसते हुए कहा हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। हर व्यक्ति आचार्य के रूप में जहां-तहां जाकर माहौल खराब नहीं कर सकता। मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा। अगर वह शंकराचार्य थे तो आप (सपा) लोगों ने वाराणसी में लाठी चार्ज क्यों किया था? एफआईआर क्यों लिखी थी? आप कैसी नैतिकता की बात करते हैंअगर सपा के लोग उसे पूजना चाहते हैं तो पूजें। लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून के शासन पर विश्वास करते हैं, कानून का शासन पालन करते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं। दोनों चीजों को एक साथ लागू करवाना चाहते हैं। आप लोग इसके नाम पर गुमराह करना बंद करिए।

अखिलेश यादव ने पलटवार किया

सीएम योगी पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा- यह योगी हो सकते हैं क्या? इन्हें योगी होने का किसने सर्टिफिकेट दिया। हिंदू परंपरा में बहुत कुछ साफ है। जहां गेरुआ वस्त्र होता है, हम उन्हें सम्मान से देखते हैं। लेकिन योगीजी, जो हमारे मुख्यमंत्री है, उन्हें कोई सम्मान नहीं है।वस्त्र पहनने, कान छिदवाने से आप योगी नहीं हो जाते हैं। आपके अंदर डिजायर (इच्छा) है तो आप योगी नहीं हो सकते। हमारे पूजनीय शंकराचार्य, जिनका सभी सम्मान करते हैं, उन्हें स्नान नहीं करने दिया। जब से धरती है, किसी ने संतों को गंगा स्नान करने से नहीं रोका। ये पहले हैं, जिन्होंने स्नान करने से रोका है। इन्हें पाप पड़ेगा तो कौन बचा लेगा।

INPUT-ANANYA MISHRA

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