फर्रुखाबाद : महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष की बैठक में पॉक्सो एक्ट और दहेज हत्या से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में कुल 9 संवेदनशील प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें 7 मामले पॉक्सो एक्ट तथा 2 मामले दहेज हत्या से संबंधित थे।
बैठक के दौरान प्रत्येक मामले की विवेचना, पीड़ित पक्ष को दी गई सहायता, लंबित कार्यवाहियों और जांच की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
डीएम ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पीड़ितों और उनके परिवारों को शासन द्वारा अनुमन्य आर्थिक सहायता, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया, ताकि संवेदनशील मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रकरणों में समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
प्रशासन की इस सक्रियता को महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










































