‘अधिकारियों के घर की बिजली कटवा दूंगा…’, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के गुस्से से हिला बिजली विभाग!

जब उत्तर प्रदेश के कई विधायक बिजली संकट पर मंत्री एके शर्मा को चिट्ठियां लिख रहे थे जब कुछ नेता सोशल मीडिया पर UPPCL को टैग करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे थे तब देवरिया में एक विधायक रात के अंधेरे में सड़कों पर था रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक गांव-गांव  मोहल्ले-मोहल्ले और फिर रात 2 बजे जो हुआ उसने पूरे बिजली विभाग की नींद उड़ा दी।

देवरिया भीषण गर्मी उमस भरी रात और घंटों से गुल बिजली। लोग परेशान और बिजली विभाग के फोन या तो बिजी थे या बंद। लेकिन उसी रात देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने तय किया कि अब शिकायतें सुनने से काम नहीं चलेगा आज सिस्टम का सच मौके पर जाकर देखना होगा। रात के करीब 12 बजे। जब अधिकांश नेता अपने घरों में थे शलभ मणि त्रिपाठी सड़क पर थे।

वह लगातार गांवों और मोहल्लों में घूम रहे थे। कहीं ट्रांसफॉर्मर बंद था कहीं लाइन में फॉल्ट था और कहीं बिना किसी सूचना के घंटों से बिजली गायब थी। हर जगह लोगों का गुस्सा एक जैसा था। शिकायतें सुनते-सुनते विधायक आगे बढ़ते रहे। फिर अचानक उन्हें एक ऐसी जानकारी मिली जिसने उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। पता चला पावर हाउस में बिजली मौजूद है। सिस्टम में सप्लाई भी है। लेकिन लोगों के घरों तक बिजली पहुंच ही नहीं रही।

यानि बिजली है लेकिन जनता अंधेरे में है। बस फिर क्या था रात के ठीक 2 बजे शलभ मणि त्रिपाठी सीधे बिजली घर पहुंच गए। कर्मचारियों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आधी रात को विधायक उनके सामने खड़े होंगे। विधायक को देखते ही बिजली घर में अफरा-तफरी मच गई। रजिस्टर खुलने लगे। फोन बजने लगे। स्टाफ इधर-उधर दौड़ने लगा। और फिर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा।

उन्होंने मौके से ही वरिष्ठ अधिकारियों को फोन लगाया। और दो टूक शब्दों में कहा जनता रात भर बिना बिजली के तड़पेगी तो आप लोग भी एसी में नहीं सो पाएंगे। सुधर जाइए वरना अधिकारियों के आवासों की बिजली भी कटवा दूंगा। ये शब्द सुनते ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।

कुछ ही मिनटों में हालात बदल गए। जो अधिकारी फोन नहीं उठा रहे थे वो खुद फोन करने लगे। जो घरों में आराम कर रहे थे वो कपड़े पहनकर निकल पड़े। अधीक्षण अभियंता अधिशासी अभियंता एसडीओ सभी अधिकारियों को मौके पर बुला लिया गया। रात का सन्नाटा अब विभागीय हलचल में बदल चुका था। विधायक ने अधिकारियों से साफ कहा सरकार की मंशा 24 घंटे बिजली देने की है। लेकिन आपकी लापरवाही से जनता परेशान हो रही है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक हर प्रभावित मोहल्ले की बिजली बहाल नहीं होगी वह यहां से नहीं जाएंगे। इसके बाद कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया। फॉल्ट खोजे गए। लाइनें चेक की गईं। मरम्मत शुरू हुई। और धीरे-धीरे कई इलाकों में बिजली वापस आने लगी।

देवरिया ही नहीं सोशल मीडिया पर चर्चा सिर्फ बिजली की नहीं है। चर्चा उस तस्वीर की है जिसमें एक विधायक आधी रात को जनता के बीच दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार उनकी तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं। कई लोग लिख रहे हैं ऐसे जनप्रतिनिधि हर जिले में होने चाहिए। कुछ लोग उन्हें “देवरिया का सिंघम” बता रहे हैं। तो कुछ लोग कह रहे हैं कम से कम किसी ने तो रात में निकलकर जनता की परेशानी देखी।

दिलचस्प बात ये है कि ये पहली बार नहीं है। शलभ मणि त्रिपाठी पहले भी कई मौकों पर लोगों के बीच दिखाई दिए हैं। बाढ़ हो दुर्घटना हो गरीब की मदद का मामला हो या प्रशासनिक लापरवाही उनके कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। यही वजह है कि इस बार भी उनके समर्थक इसे सिर्फ राजनीतिक गतिविधि नहीं बल्कि जनसेवा का हिस्सा बता रहे हैं।

फिलहाल देवरिया में लोग बिजली संकट से ज्यादा एक घटना की चर्चा कर रहे हैं। वो घटना जब पूरी रात शहर अंधेरे में था और उनका विधायक भी जाग रहा था। जब लोग गर्मी से परेशान थे तब वह एसी कमरे में नहीं बल्कि बिजली घर में खड़ा था। और शायद इसी वजह से आज देवरिया में एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है,शलभ मणि त्रिपाठी।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)