उद्धव ठाकरे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को मातोश्री बुलाया, 8 सांसद हुए शामिल

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई के मातोश्री आवास पर पार्टी के सांसदों की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक महाराष्ट्र राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच हुई है, जिसमें एकनाथ शिंदे गुट में कुछ यूबीटी सांसदों के जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। बैठक में पार्टी के 9 में से 8 सांसद शामिल हुए, जबकि परभणी सांसद संजय जाधव अनुपस्थित रहे।

बैठक का मकसद और पृष्ठभूमि

शिवसेना (यूबीटी) सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक मुद्दों की समीक्षा करना और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करना था। हाल में कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की खबरों के बाद पार्टी नेतृत्व ने सभी सांसदों को एक मंच पर बुलाकर स्थिति का जायजा लेने का फैसला किया।

कौन-कौन शामिल हुआ बैठक में

मातोश्री में हुई बैठक में चार सांसद शारीरिक रूप से मौजूद रहे, जबकि चार सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। फिजिकली शामिल सांसदों में अरविंद सावंत (दक्षिण मुंबई), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य), राजाभाऊ वाजे (नासिक) और संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व) शामिल थे।

ऑनलाइन जुड़ने वाले सांसदों में संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव) और नागेश पाटिल अष्टीकर (हिंगोली) रहे। राज्यसभा सांसद संजय राउत भी बैठक में मौजूद रहे।

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संजय जाधव की अनुपस्थिति पर सस्पेंस

परभणी सांसद संजय जाधव बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसने राजनीतिक अटकलों को और बल दिया है। जाधव हाल के कुछ पार्टी कार्यक्रमों में भी अनुपस्थित रहे हैं। हालांकि, बैठक के बाद संजय राउत ने स्पष्ट किया कि संजय जाधव की उद्धव ठाकरे से फोन पर बात हुई थी।

अनुपस्थिति के पीछे के कारण

संजय राउत ने अन्य सांसदों की अनुपस्थिति के कारण भी बताए। ओमराजे निंबालकर ने पहले ही सूचना दे दी थी कि उनका बेटा अस्पताल में भर्ती है। भाऊसाहेब वाकचौरे की पत्नी बीमार होने के कारण वे ऑनलाइन जुड़े, जबकि संजय देशमुख अपनी बेटी की शादी के कारण बैठक में वर्चुअल मोड से शामिल हुए।

राउत का ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर पलटवार

बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में संजय राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ। राउत ने आरोप लगाया कि ये चर्चाएं राजनीतिक संदेश देने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने ‘ऑपरेशन टाइगर’ का मुकाबला ‘ऑपरेशन फॉक्स’ से करने की बात कही।

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शिंदे गुट की प्रतिक्रिया

शिंदे गुट के नेता और मंत्री संजय शिरसाट ने भी ‘ऑपरेशन टाइगर’ की खबरों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है, हालांकि कई यूबीटी नेता और जनप्रतिनिधि एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। शिरसाट ने कहा कि किसी भी नेता या सांसद के भविष्य का अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे ही लेंगे।

शिवसेना में जारी खींचतान

शिवसेना के विभाजन के बाद दोनों गुटों के बीच राजनीतिक खींचतान लगातार जारी है। दोनों पक्ष अपने संगठन और जनप्रतिनिधियों पर पकड़ बनाए रखने की कोशिश में लगे हुए हैं। उद्धव ठाकरे की इस बैठक को पार्टी में एकजुटता दिखाने और अटकलों पर विराम लगाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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