UP: कभी रायबरेली की पहचान और लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा बेहटा पुल स्थित पिकनिक स्पॉट आज बदहाली का शिकार हो चुका है। वर्षों से देखरेख के अभाव में यह पर्यटन स्थल अपनी पुरानी रौनक खो चुका है। हालत यह है कि जिस सिंचाई विभाग की जमीन पर इसे विकसित किया गया था, उसी विभाग के अधिकारियों के पास अब इससे जुड़ी स्पष्ट जानकारी तक उपलब्ध नहीं है।
इंदिरा गांधी के दौर में हुआ था विकास
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बेहटा पुल पर सई सेतु का उद्घाटन किया था। इसी दौरान पुल के नीचे करीब सात एकड़ क्षेत्र में औषधीय पौधों और दुर्लभ फूलों से सुसज्जित एक सुंदर पार्क विकसित किया गया था। यह स्थान लंबे समय तक जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल रहा, लेकिन समय के साथ इसकी पहचान धूमिल होती चली गई।
गोमती तट जैसी थी यहां की खूबसूरती
बेहटा गांव के 80 वर्षीय रामलाल बताते हैं कि करीब एक दशक पहले तक यहां का दृश्य बेहद मनमोहक था। लखनऊ के गोमती तट की तर्ज पर विकसित इस स्थल पर दूर-दराज से लोग घूमने आते थे। यहां बने डाक बंगले में पर्यटकों के ठहरने की भी बेहतर व्यवस्था थी, जिससे यह परिवारों के लिए पसंदीदा पिकनिक स्थल माना जाता था।
खंडहर में बदला पर्यटन स्थल
लगातार उपेक्षा के कारण आज यह ऐतिहासिक स्थल असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। परिसर में गंदगी, टूटी संरचनाएं और बिखरा कचरा इसकी दुर्दशा की कहानी बयां कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समय रहते संरक्षण किया गया होता तो यह स्थान आज भी जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बना रहता।
रेलवे स्टेशन पर प्रचार, मौके पर निराशा
दिलचस्प बात यह है कि रायबरेली रेलवे स्टेशन के सूचना पट्ट पर आज भी बेहटा पिकनिक स्पॉट को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में दर्शाया जाता है। हालांकि यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को सिर्फ खंडहर और वीरानी ही देखने को मिलती है। इस मामले पर मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में है और जल्द ही एक विशेष टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस ऐतिहासिक स्थल के पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
















































