अयोध्या। श्री राम मंदिर ट्रस्ट के दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी व नियोजित लूट के मामले में SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को मिल गई है। सरकार रिपोर्ट का परीक्षण कर रही है और जल्द ही केंद्र को भी अपडेट किया जाएगा। इसके बाद मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच पूर्व सांसद विनय कटियार ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर तीखा हमला बोला है।
SIT रिपोर्ट पहुंची सरकार के पास
SIT ने राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कुछ गंभीर अनियमितताओं का जिक्र है। रिपोर्ट का परीक्षण होने के बाद मंदिर ट्रस्ट या यूपी पुलिस द्वारा FIR दर्ज कराई जाएगी।
विनय कटियार का तीखा बयान
अयोध्या से पूर्व लोकसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा, “योगी जी को हमसे सीधी बात करनी चाहिए थी।”
कटियार ने ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी चंपत राय पर भी सवाल उठाए और कहा कि गड़बड़ी के जिम्मेदारों को खुद ट्रस्ट से बाहर निकलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
चंपत राय ने शुरू की सफाई
SIT रिपोर्ट सामने आने के बाद अयोध्या में एक कार्यक्रम में चंपत राय ने बयान जारी कर खुद को साफ बताया है। उन्होंने कहा कि 2000 करोड़ या 20,000 करोड़ की गड़बड़ी की खबर भी उनकी रामभक्ति को डिगा नहीं सकती।
चंपत राय ने कहा, “मेरी आस्था किसी खाते की एंट्री से नहीं बनी, वह करोड़ों हिंदुओं की सदियों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान से बनी है।”
राम भक्तों में आक्रोश
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई कार्यकर्ता और राम भक्त इस घोटाले की खबर से नाराज हैं। विनय कटियार जैसे नेताओं के बयानों से यह साफ है कि भाजपा के अंदर भी इस मामले को लेकर गहरी चिंता है।
आगे क्या?
सरकार रिपोर्ट का अध्ययन पूरा करने के बाद दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करेगी। राम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। पूरा मामला राम भक्तों की आस्था से जुड़ा होने के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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