UP: केंद्र सरकार ने काशी की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए दो बड़ी एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है। लगभग 25,445.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 89.26 किलोमीटर होगी। इनके निर्माण के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने के साथ धार्मिक, व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्रों तक पहुंच अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
वरुणा नदी किनारे बनेगा 43 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
पहली परियोजना के तहत 43.218 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर वरुणा नदी के किनारे विकसित किया जाएगा। करीब 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर तैयार होगी। इसके निर्माण से एनएच-31, काशी रेलवे स्टेशन और रिंग रोड के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस मार्ग पर यात्रा का समय लगभग 40 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।
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एनएच-19 से रिंग रोड तक बनेगा छह लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
दूसरी परियोजना के अंतर्गत 46.039 किलोमीटर लंबा छह लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो एनएच-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस पर लगभग 14,447.64 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके चालू होने से शहर के व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा और काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट, अस्सी घाट समेत अन्य प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही पहले से अधिक आसान होगी।
पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
सरकार का कहना है कि गंगा के समानांतर बनने वाले इस कॉरिडोर का निर्माण पर्यावरणीय मानकों और घाटों की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा। परियोजना में केबल-स्टेड ब्रिज, दर्शकों के लिए व्यूपॉइंट, गैलरी और गंगा पार करने के लिए पैदल झूला पुल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी। इन व्यवस्थाओं से काशी का पर्यटन अनुभव और अधिक आकर्षक बनने की संभावना है।
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कनेक्टिविटी मजबूत होने से विकास को मिलेगी नई गति
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद चंदौली के औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब तक पहुंच आसान होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही वाराणसी एयरपोर्ट, कैंट रेलवे स्टेशन, काशी स्टेशन, चौकाघाट और शहर के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन नेटवर्क से वाराणसी के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।
















































