बाराबंकी: जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों, स्वच्छता, जल निकासी, अतिक्रमण हटाने, राजस्व वसूली तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान डीएम ने 20 लाख रुपये से अधिक लागत वाली 144 विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि इनमें से 39 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाओं पर कार्य जारी है. विलंबित परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को प्रत्येक लंबित कार्य की कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बरसात के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नालों और नालियों की नियमित सफाई कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने. उन्होंने चेतावनी दी कि जलभराव की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.
डीएम ने नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने, अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश भी दिए. साथ ही अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्ध ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया.
बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए. इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.



















































