UP: उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता का दावा करती है, लेकिन मिर्जापुर के हलिया विकासखंड की ग्राम पंचायत मनिगढ़ा का मामला इन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद जांच के आदेश जारी हुए और जिलाधिकारी स्तर से जांच टीम भी गठित की गई। इसके बावजूद जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
दो बार तय हुई जांच की तारीख, फिर भी नहीं हुआ सत्यापन
मामले में जांच और भौतिक सत्यापन के लिए 29 जनवरी 2026 और 25 मार्च 2026 की तारीख निर्धारित की गई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, दोनों अवसरों पर जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आरोप है कि जांच टीम को आवश्यक सरकारी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके चलते विकास कार्यों से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन अधूरा रह गया।
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अभिलेख नहीं मिलने पर जिम्मेदारी किसकी?
शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच अधिकारी ने अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच में असमर्थता जताई। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच के लिए जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की थी। यदि जांच टीम को निर्धारित समय पर दस्तावेज नहीं मिले, तो आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, यह भी प्रशासन से स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है।
RTI के जवाब को लेकर भी उठे सवाल
मामले में सूचना के अधिकार कानून के पालन को लेकर भी शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत, बीडीओ, जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी स्तर से जुड़े मामलों में अब्दुल समद के नाम से कई RTI आवेदन भेजे गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन आवेदनों से संबंधित पोस्टल ऑर्डर और अन्य दस्तावेज सुरक्षित हैं, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर से मांगी गई सूचनाओं का जवाब अब तक नहीं दिया गया।
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जांच लंबित, जवाबदेही पर सवाल
मनिगढ़ा प्रकरण में अब मामला केवल कथित वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जांच प्रक्रिया और RTI के जवाब को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता की मांग है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि जांच के लिए अभिलेख क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए, RTI आवेदनों पर जवाब क्यों नहीं दिया गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। फिलहाल जांच लंबित होने से ग्रामीणों और शिकायतकर्ता के बीच पूरे मामले को लेकर सवाल बने हुए हैं।


















































