UP: जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर को उत्तर प्रदेश सरकार से आधिकारिक मान्यता मिल गई है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह और इंक्यूबेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर को मान्यता प्रमाण पत्र सौंपा। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्टार्टअप को सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
मान्यता मिलने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े स्टार्टअप और इनक्यूबेटीज के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होगी। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मुताबिक, सीड फंडिंग, प्रोत्साहन राशि और स्टार्टअप विकास से जुड़ी सुविधाओं का लाभ लेने के अवसर बढ़ेंगे। इससे विश्वविद्यालय में उद्यमिता और नवाचार का माहौल भी मजबूत होगा।
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स्टार्टअप नीति-2026 का विमोचन
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन किया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल भी लॉन्च किया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्टार्टअप नीति के तहत अब तक 107 स्टार्टअप को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक तथा नौ इनक्यूबेटीज को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है।
युवाओं को मिलेगा नए अवसरों का मंच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सरकार की इस पहल से युवाओं को अपने नए कारोबारी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है।
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पूर्वांचल में उद्यमिता को मिलेगी नई दिशा
इंक्यूबेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने इसे विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मान्यता से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और नए उद्यमियों को अपने विचारों को स्टार्टअप का रूप देने के साथ उन्हें आगे विकसित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे पूर्वांचल क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को संस्थागत मजबूती मिलेगी।



















































