बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेड़वरा से टुटुवारी तक जाने वाली कच्ची सड़क को पक्का कराने की मांग को लेकर ग्रामीण महिलाओं और बेटियों ने आवाज बुलंद की। बालिका बंधुता मंच के बैनर तले महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर पदयात्रा निकाली। इस दौरान उन्होंने ‘कच्ची सड़क से आजादी कब?’ और “रोड नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
बारिश में रास्ता बन जाता है मुसीबत
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, मेड़वरा पीएचसी से टुटुवारी को जोड़ने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल है। हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर कीचड़ और गड्ढे हो जाते हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से एंबुलेंस का निकलना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
राजभर बस्ती के लोगों को अब भी पक्की सड़क का इंतजार
ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग पर स्थित एक राजभर बस्ती में आज तक पक्की सड़क नहीं पहुंची है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण को केवल आवागमन का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़ी जरूरी मांग बताया।
13 साल बाद भी अधूरा रह गया सड़क निर्माण का इंतजार
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेड़वरा पहुंचे थे। उस दौरान क्षेत्र के विकास को लेकर कई घोषणाएं और दावे किए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद 13 साल बीत जाने के बाद भी सड़क की स्थिति नहीं बदली। उनके अनुसार, सड़क बनने से मुहम्मदाबाद, जहानाबाद और फेफना विधानसभा क्षेत्रों के करीब 50 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
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विधायक से तत्काल कार्रवाई की अपील
बालिका बंधुता मंच ने स्थानीय विधायक संग्राम सिंह यादव से इस समस्या का संज्ञान लेकर शासन स्तर पर सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है। मंच से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि पदयात्रा आंदोलन की शुरुआत है। यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जल्द सड़क की सुध नहीं ली, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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