UP: पड़ोसी देश नेपाल की ओर से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बाराबंकी की तहसील रामनगर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। नदी का पानी अब खतरे के लाल निशान से काफी ऊपर पहुंच चुका है।केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार, सोमवार सुबह 10 बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.440 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के लाल निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर है। उन्होंने बताया कि नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और फिलहाल करीब हर घंटे एक सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
इससे पहले रविवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 106.370 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद रात से सोमवार सुबह तक जलस्तर में और वृद्धि हुई और सुबह 10 बजे यह 106.440 मीटर पहुंच गया। महज कुछ घंटों में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।जलस्तर बढ़ने से नदी के आसपास के निचले इलाकों, खेतों और तटवर्ती क्षेत्रों में पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पानी लगातार बढ़ने के कारण ग्रामीणों को अपने पशुओं और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है।
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प्रशासन की ओर से भी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से भी सावधानी बरतने और नदी के बढ़ते पानी से दूर रहने की अपील की जा रही है।केंद्रीय जल आयोग की टीम जलस्तर की लगातार रीडिंग दर्ज कर रही है। यदि पानी बढ़ने का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले घंटों में तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। फिलहाल घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने रामनगर तहसील के नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।


















































