UP: फर्जी मदरसा संचालन कर सरकारी अनुदान के गबन का आरोप, प्रबंधक गिरफ्तार

आजमगढ़: रौनापार थाना पुलिस ने फर्जी मदरसा संचालित कर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी धनराशि/अनुदान का गबन करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार, राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (EOW), मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक एवं जांच अधिकारी कुँवर ब्रह्म प्रकाश सिंह की ओर से मदरसा दर्सगाह अरबियां निस्वां, चांदपट्टी, आजमगढ़ के प्रबंधक अंसार अहमद के खिलाफ शिकायत दी गई थी। आरोप है कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली के रूप में इस्तेमाल किया गया और सरकारी धनराशि/अनुदान का गबन किया गया।

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इस मामले में रौनापार थाने में 7 फरवरी 2025 को मुकदमा अपराध संख्या 34/2025 के तहत धारा 409, 420, 467, 468 और 471 भादवि में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव द्वारा की जा रही थी।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए मुकदमे में वांछित अंसार अहमद पुत्र अली औसत, निवासी चांदपट्टी, थाना रौनापार, उम्र करीब 55 वर्ष को उसके घर से करीब 11:50 बजे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मदरसा दर्सगाह अरबियां निस्वां, चांदपट्टी का प्रबंधक है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 के धोखाधड़ी व कूटरचना के मुकदमे के अलावा वर्ष 2019 में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज है।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल संतोष मिश्रा और कांस्टेबल मो. जावेद शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय कर दिया।

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