लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का पीएम नरेंद्र मोदी से गले मिलना पूरे दिन छाया रहा। इसे कुछ लोगों ने जहां नई राजनीति का उदय कहा तो वहीं कइयों ने राहुल का बचपना बताया। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से एक शेर पोस्ट किया है। कहा जा रहा है कि इस ट्वीट के जरिए अखिलेश ने अपने ‘दोस्त’ कांग्रेस अध्यक्ष को इशारों ही इशारों में नसीहत दे दी है।
अखिलेश ने जाने-माने शायर बशीर बद्र का एक शेर पोस्ट किया, ‘कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिज़ाज का शहर है जरा फासले से मिला करो।’ दरअसल शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 21, 2018
इसके बाद भाषण के अंत में उन्होंने किसी के लिए दिल में नफरत न होने की बात कहकर अचानक से पीएम मोदी के पास जाकर उन्हें गले से लगा दिया। इस दौरान राहुल ने पहले पीएम मोदी से अपनी सीट पर उठने का आग्रह किया, जब पीएम नहीं उठे तो राहुल बैठे-बैठे उनके गले लग गए। इस पर बाद में पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान चुटकी लेकर कहा था किर राहुल गले नहीं लगे बल्कि गले पड़ गए थे।
तेजस्वी ने की थी तारीफ-
तेजस्वी ने लिखा, ‘मेरे दोस्त, वह आंख सही जगह मारी है। जहां पर दुखे वहां तेजी से प्रहार करो। उनके झूठों के पुलिंदों का कच्चा-चिट्ठा खोलने और एक अद्भुत भाषण के लिए बहुत-बहुत बधाई।’ वहीं बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी इसमें तीसरा ऐंगल ढूंढ लाए हैं। स्वामी ने कहा है कि रूसी और नॉर्थ कोरियाई इस गले लगने की तकनीक का इस्तेमाल जहर देने के लिए करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को मेडिकल चेकअप कराने की सलाह दे दी है।
Oh that wink my friend! Hit them hard where it hurts..Congratulations for unearthing their mines of lies & a fantastic speech @RahulGandhi pic.twitter.com/lMlBFoYGwv
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 20, 2018
















































