UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस के चलते कृषि ऋण प्रणाली में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। पहले किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण लेने में किसानों को हफ्तों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब ई-केसीसी के माध्यम से कुछ ही मिनटों में ऋण स्वीकृत हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री लोकभवन में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर के विमोचन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
खेती में एआई और एफपीओ बने बदलाव के वाहक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब किसानों के साथ मिलकर खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में एआई आधारित एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर कई सफल फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) को सम्मानित किया गया। दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कसया मिल्क एफपीओ और मथुरा की महिला-नेतृत्व वाली सरसों उत्पादन कंपनी को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया।
सहकारिता, एमएसएमई और ओडीओपी से मजबूत होती अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” के विजन के तहत सहकारी संस्थाओं में डिजिटलीकरण और पारदर्शिता लाई गई है। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक के साथ एग्री-टेक पर काम करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को ब्रांड के रूप में विकसित किया गया, जिससे निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं और करोड़ों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है।
कृषि और वित्तीय संकेतकों में रिकॉर्ड सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का क्रेडिट-डेबिट रेशियो बीते नौ वर्षों में 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। लघु और सीमांत किसानों को अब 5 से 6 प्रतिशत की कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है, लाखों ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है और बड़ी संख्या में किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। कृषि विकास दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
यूपी बना देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। वर्ष 2016 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था जहां 11.7 लाख करोड़ रुपये की थी, वहीं अब यह बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाली है। प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बैंकों से अपील की कि वे ऋण वितरण की शर्तों को सरल बनाएं और प्रशिक्षण, तकनीक व वैल्यू एडिशन के जरिए किसानों, एफपीओ और उद्यमियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।



































