UP: मुरादाबाद जनपद मुरादाबाद के प्रसिद्ध दरगाह खबरिया शरीफ से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी साबरी परचम रवाना किया गया। विभिन्न पड़ावों से होते हुए साबरी परचम मुरादाबाद पहुंचा, जहां दरगाह सुल्तान साहब पर उसका स्वागत किया गया। इसके बाद परचम को शहर की अन्य मजारों पर पहुंचाया गया और वहां की रस्मों के बाद कलियर शरीफ के लिए रवाना किया गया।
दरगाह सुल्तान साहब के सज्जादानशीन ने बातचीत में बताया कि साबरी परचम की यह परंपरा पिछले 38 वर्षों से लगातार चली आ रही है। परचम के कलियर शरीफ पहुंचने के बाद साबिर पाक की दरगाह का सालाना उर्स शुरू होता है। उर्स 12 रबीउल अव्वल से शुरू होकर 14 तारीख तक चलता है।
मुरादाबाद पहुंचने पर साबरी परचम का दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की ओर से जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान नजर-नियाज और फातिहाख्वानी सहित विभिन्न धार्मिक रस्में अदा की गईं। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने परचम की जियारत की और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली एवं भाईचारे की दुआ की।
इस वर्ष साबरी परचम की यात्रा में एक खास बदलाव देखने को मिला। कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पैदल काफिले के बजाय इस बार साबरी परचम को मोटरसाइकिलों के जरिए मुरादाबाद तक पहुंचाया गया। हर साल जहां अकीदतमंद पैदल काफिले के साथ मुरादाबाद होते हुए कलियर शरीफ की ओर रवाना होते हैं, वहीं इस बार मोटरसाइकिलों के जरिए परचम की यात्रा पूरी की गई।
साबरी परचम के मुरादाबाद पहुंचने से दरगाहों और आसपास के क्षेत्रों में अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखने को मिला। धार्मिक रस्मों के बाद परचम को कलियर शरीफ के लिए रवाना कर दिया गया, जहां पहुंचने के बाद साबिर पाक के सालाना उर्स की शुरुआत होगी।
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