डेढ़ माह से लापता युवती की मौत का खुलासा, परिजनों ने उठाए सवाल; निष्पक्ष जांच की मांग

मुगलसराय, चंदौली : चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र की एक युवती के डेढ़ माह से अधिक समय से लापता रहने के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब परिजनों को पता चला कि युवती की मौत काफी पहले एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी थी।

घटना की जानकारी विलंब से मिलने पर परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

पिता बोले- रामनगर थाने भेजकर दी जानकारी

मृतका के पिता प्रदीप कुमार ने बताया कि उनकी बेटी करीब डेढ़ से दो महीने पहले लापता हो गई थी। परिवार लगातार उसकी तलाश में लगा हुआ था और पुलिस से भी संपर्क बनाए हुए था। उनका आरोप है कि हाल ही में अलीनगर थाना प्रभारी ने उन्हें रामनगर थाने जाकर जानकारी लेने के लिए कहा। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की 8 अप्रैल को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।

 

पहचान न होने पर कर दिया गया अंतिम संस्कार

पुलिस अभिलेखों के अनुसार युवती की मृत्यु ट्रक की चपेट में आने से हुई थी। पहचान न हो पाने के कारण पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें न तो मौत की सूचना समय पर दी गई और न ही अंतिम संस्कार की जानकारी दी गई, जिससे परिवार गहरे सदमे और आक्रोश में है।

 

बहन ने लगाए ससुराल पर गंभीर आरोप

मृतका की बहन दीप्ति ने युवती के ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बहन लंबे समय से ससुराल में प्रताड़ना का सामना कर रही थी और उसने अपने पीछे कुछ लिखित तथ्य भी छोड़े थे। दीप्ति के अनुसार परिवार पिछले डेढ़ महीने से थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उन्हें मामले से जुड़ी स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।

 

“जांच में सहयोग नहीं किया गया”

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में अपेक्षित सहयोग नहीं किया और परिवार को स्वयं विभिन्न स्थानों पर जाकर जानकारी जुटानी पड़ी। उनका कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि युवती की मौत के पीछे दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य प्रकार का दबाव जिम्मेदार था, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

सभी पहलुओं की जांच की मांग

परिजनों ने मांग की है कि मृतका के पति और ससुराल पक्ष से जुड़े लोगों से गहन पूछताछ की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि केवल सड़क दुर्घटना मानकर मामले को बंद करना उचित नहीं होगा और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और परिजन न्याय की मांग को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।