सपा और बसपा की मानसिकता सहकारी समितियों पर कब्ज़ा करने की रही है: अमित शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में सहकारी बंधु सम्मेलन को सम्बोधित करने के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर हमला बोलते हुए कहा कि सहकारी समितियों पर कब्जा करने की मानसिकता सपा और बसपा की रही है, भाजपा की नहीं.


शाह ने कहा कहा कि गरीबों और किसानों को मजबूत करने के लिए सहाकारिता आंदोलन की प्रमुख भूमिका रही है. सहकारिता का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के शोषण से किसानों को बचाना है. इस सहकारिता आंदोलन को सरदार पटेल ने आगे बढ़ाने का काम किया था.


अमित शाह ने कहा कि सपा और बसपा ने उप्र के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह से चरमरा दिया था. निजी व्यापारियों के शोषण से किसानों को बचाना ही सहकारिता का उद्देश्य है. सहकारिता संस्थाओं में पारदर्शिता शुचिता लाना ही हमारा दायित्व होना चाहिए। पिछले 20 वर्षों में उप्र के सहकारी आंदोलन को काफी नुकसान हुआ है.


उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों पर कब्जा करना सपा और बसपा की मानसिकता हो सकती है लेकिन हमारी नहीं है. गुजरात और महाराष्ट्र के विकास मॉडल पर सहकारिता का ढांचा बनाना होगा. सहकारिता से जुड़े लोग लोकसभा चुनाव के बाद यहां से कई टोलियों में बंटकर गुजरात और महाराष्ट्र का मॉडल जाकर देखें. उत्तर प्रदेश के जन-जन तक समृद्धि पहुंचाना हमारे कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है. केंद्र सरकार ने भी सहाकारिता को बढ़ावा देने का काम किया है.


शाह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए काम कर कर रही है. यूपीए सरकार ने 10 साल में सहकारिता के माध्यम से किसानों को 23 हजार 623 करोड़ रुपये दिए जबकि मोदी सरकार ने पांच साल में ही 73 हजार 51 करोड़ रुपये की राशि सहकारिता के माध्यम से किसानों में वितरित की.


अमित शाह लखनऊ के डॉ राममनोहर लोहिया सभागार में सहकारी सम्मेलन में भाग लेने पहुचे थे. इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व यूपी प्रभारी जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय मौजूद रहे.


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