लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम दमन और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह जानकारी आज पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने प्रेस वार्ता में दी।
10 प्रमुख प्राथमिकताओं पर काम
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी पुलिस की 10 प्रमुख प्राथमिकताएं तय की गईं, जिन पर प्रभावी कार्यवाही से अपराध दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
ऑपरेशन कन्विक्शन में रिकॉर्ड दोषसिद्धि
डीजीपी ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 93% से अधिक दोषसिद्धि दर हासिल की गई। इस वर्ष 32,071 मामलों में फैसला आया, जिनमें 29,911 मामलों में दोषसिद्धि हुई। कुल 42,681 अभियुक्तों को सजा मिली, जिनमें 18 को मृत्युदंड और 3,340 को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई।
UP : IPS राजीव कृष्ण बने उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक DGP, पुलिस को मिली नई ऊर्जा
गैंगस्टर और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई
गैंगस्टर एक्ट के तहत 5,684 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और ₹788.38 करोड़ की संपत्तियां जब्त की गईं। इसके अलावा माफियाओं की ₹336 करोड़ से अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई हुई। 10 माफिया सरगनाओं समेत 20 सहयोगियों को सजा दिलाई गई।
अपराध दर में भारी कमी
– लूट के मामलों में 27.8%
– चोरी के मामलों में 14.4%
– डकैती के मामलों में 11.1% की कमी दर्ज की गई।
हत्या, बलवा और नकबजनी जैसे गंभीर अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है।
महिला सुरक्षा में मिशन शक्ति का सफलता
मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए। 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित हैं और 13,500 कार्मिक तैनात किए गए। 40,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को महिला सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
Also Read – UP के नए DGP राजीव कृष्ण : प्रशासनिक और पुलिस सेवा से जुड़ा है पूरा परिवार
परिणामस्वरूप:
– बलात्कार के मामलों में 33.92%
– महिलाओं व बच्चियों के अपहरण में 17.03%
– दहेज हत्या में 12.96%
– घरेलू हिंसा में 9.54% की कमी दर्ज हुई।
साइबर क्राइम पर प्रभावी नकेल
लखनऊ के कल्ली पश्चिम में साइबर क्राइम कॉल सेंटर स्थापित किया गया, जिसकी क्षमता 20 से बढ़ाकर 80 सीट कर दी गई। राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ₹400.66 करोड़ फ्रीज कराए गए। 1.11 लाख मोबाइल नंबर और 1.22 लाख IMEI नंबर ब्लॉक किए गए।
PRATIBIMB पोर्टल और CIAR अनुपालन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम रहा। 65,608 पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों का प्रशिक्षण दिया गया। साइबर फ्रॉड में रिकवरी दर 18% से बढ़कर 37% हो गई।
अन्य प्रमुख उपलब्धियां
– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिसंबर 2025 में Yaksh App (AI आधारित अपराध विश्लेषण एवं निगरानी प्लेटफॉर्म) का शुभारंभ किया गया।
– 60,000 से अधिक नव-आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया गया।
– नई न्याय संहिताओं पर 27,000 से अधिक पुलिसकर्मी प्रशिक्षित हुए।
– पुलिस कल्याण योजनाओं के तहत आश्रितों को ₹137 करोड़ वितरित किए गए।
– सड़क दुर्घटनाओं में 7.43% और मौतों में 11.55% की कमी दर्ज की गई।
– माघ मेला 2026 में 22 करोड़ श्रद्धालुओं की निर्विघ्न उपस्थिति सुनिश्चित की गई।
– पूरे वर्ष प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ।
– ATS ने आतंकवाद, जासूसी और अवैध घुसपैठ के मामलों में 73 गिरफ्तारियां कीं।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यूपी पुलिस निरंतर जनसेवा और अपराध मुक्त प्रदेश के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।












































