कुलभूषण जाधव को फंसाने के लिए ICJ में पाकिस्तान ने The Quint और The Indian Express के लेखों को बनाया सबूत

इंटनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानि कि ICJ में कुलभूषण जाधव मामले को लेकर मंगलवार को पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखा. अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में दलील रखने के लिए पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान मौजूद रहे. इस दौरान भारत के तर्कों को काउंटर करने के लिए पाकिस्तान ने ‘द क्विंट’ और ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपे लेखों को बतौर सबूत प्रस्तुत किया.


कुलभूषण जाधव मामले पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में भारत में वापसी के लिए द क्विंट, द इन्डियन एक्सप्रेस और फ्रंटलाइन में प्रकाशित लेखों का हवाला देकर पाकिस्तान ने जोर देते हुए कहा कि भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव एक “जासूस” था और भारत की आधिकारिक नीति के मुताबिक़ ये एक आतंक का जरिया था.


भारत के तर्क पर प्रतिक्रिया देते हुए, पाकिस्तान के प्रतिनिधि वकील खरवार कुरैशी ने कहा “भारत एक वंडरलैंड में जी रहा है. भारत झूठ की दीवार पर बैठा है, जिसे हंम्पटी-डंम्पटी की तरह एक दिन गिरना ही है”.


अपनी दलीलों को सही साबित करने के लिए, पाकिस्तान ने ICJ में करण थापर और प्रवीण स्वामी द्वारा लिखे गए लेखों का हवाला दिया और कहा कि जाधव एक भारत का जासूस था. पाकिस्तानी ने 2017 में द इंडियन एक्सप्रेस में करण थापर द्वारा लिखे गए एक लेख के हवाले से कहा, कि थापर ने जाधव पर भारत सरकार के रुख पर सवाल उठाया. पाकिस्तान ने जनवरी 2018 में फ्रंटलाइन पत्रिका में प्रवीण स्वामी द्वारा लिखे गए एक अन्य लेख को कोट किया, जिसमें स्वामी ने दावा किया था कि जाधव पाकिस्तान में वास्तव में जासूसी पर था.



पाकिस्तान ने खुद को सही साबित करने के लिए चंदन नंदी द्वारा जनवरी 2018 में लिखे गए द क्विंट में लेख का सहारा लिया. जिसमें जाधव को रॉ एजेंट बताया गया था.



भारत की मंशा पर सवाल उठाते हुए, कुरैशी ने पूछा कि “जब जाधव की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं की गई तो भारत कैसे कांसुलर एक्सेस की मांग कर सकता है? भारत अपनी सेवानिवृत्ति की तारीख पर उचित तर्क देने में भी विफल रहा है.”


पाकिस्तान ने दावा किया कि जाधव का कबूलनामा ‘बेहद विश्वसनीय’ है. पाकिस्तान के वकील खानवार कुरैशी ने कहा, ‘हमें भारत को धन्यवाद देना चाहिए कि वह इनलिगल कंडक्ट के कानून को सपष्ट करने में मदद करना चाहता है. लेकिन जासूसी के आरोप सही हैं और इसपर भारत की स्थिति निराशाजनक है. हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि पासपोर्ट के मामले पर भी भारत का रुख निराशाजनक था.’ दरअसल, पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी ने इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव केस को स्थगित करने की मांग की. जिसे आईसीजे ने खारिज कर दिया है.


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