UP: राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) इटावा ने आठ वर्षों से फरार चल रहे लूट के एक वारंटी और हिस्ट्रीशीटर अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा आरोपी आखिरकार जीआरपी की सटीक रणनीति और लगातार निगरानी के चलते पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई गिरफ्तारी
जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने 15 जुलाई की रात करीब 10:45 बजे थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मुनी का अड्डा से 28 वर्षीय प्रशांत कश्यप पुत्र प्रमोद कश्यप को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी था और वह वर्ष 2018 से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस के अनुसार वह गुजरात समेत कई राज्यों में रहकर फरारी काट रहा था।
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कई संगीन मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक प्रशांत कश्यप जीआरपी थाना इटावा का हिस्ट्रीशीटर (संख्या 125/ए) है। उसके खिलाफ लूट, चोरी, चोरी के प्रयास और रेलवे अधिनियम सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।
तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
जीआरपी ने आरोपी की तलाश में मुखबिर नेटवर्क को लगातार सक्रिय रखा और तकनीकी इनपुट के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के अलावा उपनिरीक्षक कोमल कुंतल, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार और आरक्षी रोहिताश ने अहम भूमिका निभाई। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वाले आरोपियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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