UP: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार कार्य को लेकर केंद्र सरकार ने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा दे दी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने एयरपोर्ट के सभी प्रमुख विकास कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान उन्होंने बाबतपुर स्थित एयरपोर्ट का निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
नए टर्मिनल और आधुनिक सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन का दौरा किया और वहां विकसित की जा रही यात्री सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें टर्मिनल की रूपरेखा, यात्रियों के लिए प्रस्तावित आधुनिक व्यवस्थाओं और एयरपोर्ट के समग्र विस्तार कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। साथ ही नए एप्रन, रनवे विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति भी प्रस्तुत की गई।
2869 करोड़ रुपये की परियोजना से बदलेगी एयरपोर्ट की तस्वीर
वाराणसी एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को जून 2024 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। करीब 2869.65 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। वर्तमान में जहां यह एयरपोर्ट सालाना 39 लाख यात्रियों को संभालता है, वहीं विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़कर लगभग 99 लाख यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी।
रनवे विस्तार और विमानों की पार्किंग होगी बेहतर
परियोजना के तहत रनवे की लंबाई बढ़ाकर 4075 मीटर की जाएगी, जिससे बड़े विमानों के संचालन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा विमानों की पार्किंग क्षमता बढ़ाने के लिए नए एप्रन का निर्माण भी किया जा रहा है। एयरपोर्ट परिसर में एलिवेटेड रोड और रनवे के नीचे विशेष टनल जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं।
ग्रीन एयरपोर्ट की दिशा में जोर
केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट परिसर को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को एलिवेटेड रोड के आसपास तथा पुराने और नए टर्मिनल भवनों के बीच अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ
राममोहन नायडू ने बताया कि एयर इंडिया की नई ‘हब एंड स्पोक’ सेवा की शुरुआत सबसे पहले वाराणसी एयरपोर्ट से की जाएगी। इस व्यवस्था से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट के दौरान बार-बार इमिग्रेशन प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा एयरपोर्ट को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जिसके तहत नजदीकी रेलवे स्टेशन विकसित करने का प्रस्ताव अध्ययनाधीन है। इससे हवाई और रेल यातायात के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)
















































