रायबरेली : जिले और आसपास के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है, एम्स में अब लंबे समय से दर्द की समस्या से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा. संस्थान के एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से रविवार को समर्पित दर्द चिकित्सा ओपीडी का शुभारंभ किया गया. यह ओपीडी तीव्र और दीर्घकालिक दर्द से पीड़ित मरीजों को आधुनिक और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराएगी.
इस नई सुविधा का उद्घाटन संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने किया. इस दौरान डीन परीक्षा डॉ. प्रगति गर्ग, डीन अनुसंधान डॉ. अर्चना वर्मा, उप निदेशक प्रशासन कर्नल अखिलेश सिंह समेत संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
एम्स प्रशासन के अनुसार आज के समय में कमर दर्द, गर्दन दर्द, कैंसर जनित दर्द, नसों का दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में लगातार रहने वाला दर्द लोगों के जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, ऐसे मरीजों के लिए यह विशेष ओपीडी काफी मददगार साबित होगी.
इस ओपीडी में मरीजों को कैंसर पेन मैनेजमेंट, न्यूरोपैथिक दर्द का इलाज, पोस्ट सर्जिकल दर्द, पेलिएटिव केयर में दर्द नियंत्रण और जटिल दर्द रोगों का समग्र मूल्यांकन जैसी सुविधाएं मिलेंगी. इसके अलावा अल्ट्रासाउंड गाइडेड पेन प्रोसीजर, रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन इंटरवेंशन, पीआरपी और अन्य आधुनिक दर्द निवारक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने कहा कि इस नई सुविधा से मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा. वहीं एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि अब दीर्घकालिक दर्द को एक स्वतंत्र बीमारी माना जाता है, जिसके लिए विशेष उपचार की आवश्यकता होती है.
संस्थान की ओर से बताया गया कि 23 जून से मरीजों के लिए नियमित सेवाएं शुरू होंगी. ओपीडी सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी, मंगलवार और शुक्रवार को डॉ. गिरीश कुमार सिंह व डॉ. अनिल कुमार, जबकि बुधवार को डॉ. जमील अब्दुल अलीम और डॉ. अदाबला विजय बाबू मरीजों को परामर्श देंगे.
एम्स रायबरेली की यह नई पहल न केवल जिले बल्कि पूर्वांचल के मरीजों के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है. अब लंबे समय से दर्द से परेशान मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.













































