फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय सदस्या श्रीमती सुनीता सैनी ने शुक्रवार को फर्रुखाबाद पहुंचकर महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रार्थना पत्रों के माध्यम से आयोग की सदस्या के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान कुल 10 महिलाओं ने पारिवारिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े प्रकरण प्रस्तुत किए। माननीय सदस्या ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।
जनसुनवाई के बाद श्रीमती सुनीता सैनी ने विकास खंड कमालगंज के ग्राम महरूपुर बीजल में आयोजित जागरूकता चौपाल में भी भाग लिया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण कार्यक्रम के तहत महिला आयोग की सदस्या ने गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया। यहां बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण एवं शिक्षा से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण कर वहां महिला बंदियों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं तथा साफ-सफाई व्यवस्था का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी जानकारी प्राप्त की गई।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास), बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, महिला थाना प्रभारी, परियोजना निदेशक, चाइल्ड हेल्पलाइन, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (HEW), वन स्टॉप सेंटर, दत्तक ग्रहण इकाई के कार्मिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
महिला आयोग की इस पहल को महिलाओं की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देशों से उम्मीद है कि लंबित शिकायतों का जल्द समाधान होगा और महिलाओं को त्वरित राहत मिल सकेगी।










































