गोरखपुर : मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने आज 26 मई 2026 को विश्वविद्यालय की पांचवीं कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। वे विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली महिला कुलपति हैं।
ऐतिहासिक कार्यभार ग्रहण
जनभवन, लखनऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। अटल भवन स्थित कुलपति सचिवालय में पूर्व कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने उन्हें औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा। इस अवसर पर कुलसचिव, वित्त नियंत्रक, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा अपने पति प्रो. एस.के. शर्मा (कुलपति, पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा) और परिवार के सदस्यों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचीं।
प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा का शैक्षणिक सफर
प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा की उच्च शिक्षा पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से हुई है। उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में BE (1993), ME (1995), MBA (Finance) तथा PhD (2005) की उपाधि प्राप्त की है। उनके पास सांख्यिकी और फ्रेंच भाषा में भी डिप्लोमा है।
उन्होंने 1999 में लेक्चरर के रूप में करियर शुरू किया और 2011 में प्रोफेसर बनीं। पंजाब विश्वविद्यालय में उन्होंने समन्वयक TEQIP, अधिष्ठाता पुरातन छात्र संबंध और विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है। उनके पास शिक्षण, शोध और प्रशासन का 31 वर्षों का 풍rich अनुभव है।
शोध और उपलब्धियां
प्रो. शर्मा ने लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा 10 PhD शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है। उन्हें एशियन पॉलिमर एसोसिएशन का यंग रिसर्चर अवार्ड, AICTE का Career Award for Young Teachers और Indo-Swiss Bilateral Research Fellowship समेत कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने फ्रांस, अमेरिका, चीन, स्विट्जरलैंड, मलेशिया आदि देशों की अकादमिक यात्राएं की हैं।
स्वागत एवं विदाई समारोह
दिन में अटल भवन बोर्ड रूम में पूर्व कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी के विदाई तथा प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्षों और अधिकारियों ने दोनों कुलपतियों का उत्तरीय और पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
नई कुलपति का विजन
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा,
“गोरखपुर की पावन भूमि पर सेवा करने का यह मेरा सौभाग्य है। वर्तमान में MMMUT देश के शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल है। मेरी कोशिश होगी कि हम इसे शीर्ष 50 संस्थानों में लाएं। इसके लिए हमें टीम की तरह काम करना होगा।”
उन्होंने पूरे विश्वविद्यालय परिवार से पूर्ण सहयोग की अपील की और कहा कि संस्थान की उन्नति में ही हम सबकी उन्नति निहित है।













































