मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट बोर्ड के नामित सदस्य एवं भाजपा नेता डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सीबीआई ने आरोपी के आवास पर छापेमारी के दौरान 50 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद करने का भी दावा किया है।
जानकारी के अनुसार, मेरठ कैंट क्षेत्र में पार्किंग संचालन का ठेका रिन्यू कराने के नाम पर डॉ. सतीश चंद्र शर्मा पर एक ठेकेदार से रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने ठेका नवीनीकरण कराने के बदले नौ लाख रुपये की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
ठेकेदार ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर मामले की शिकायत सीबीआई से की। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार देर रात सीबीआई टीम का एक सदस्य ठेकेदार के रिश्तेदार बनकर पल्लवपुरम स्थित डॉ. शर्मा के आवास पर पहुंचा। जैसे ही तीन लाख रुपये की रिश्वत की रकम आरोपी को सौंपी गई, पहले से निगरानी कर रही सीबीआई टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि शनिवार को कैंट बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें पार्किंग ठेका रिन्यू किए जाने पर निर्णय होना था। इसी बैठक से पहले कथित तौर पर रिश्वत लेकर फैसला प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों ने आरोपी के आवास और अन्य संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान 50 लाख रुपये से अधिक नकद राशि बरामद हुई। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला केवल पार्किंग ठेके तक सीमित है या फिर किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
फिलहाल सीबीआई मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित भ्रष्टाचार में कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी शामिल था या नहीं।













































