गोरखपुर। एम्स गोरखपुर की निदेशिका ने प्रेस वार्ता कर संस्थान की एक वर्ष की उपलब्धियों और नई सुविधाओं की जानकारी साझा की। पारदर्शिता, उत्कृष्टता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने बताया कि एम्स गोरखपुर तेजी से विस्तार कर रहा है और चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है।
OPD और जांच सुविधाओं में विस्तार
पिछले एक वर्ष में एम्स गोरखपुर के ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 5000 मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी क्षेत्र का विस्तार किया गया है और दो-तीन नए काउंटर जोड़े गए हैं। जल्द ही ब्लड सैंपल कलेक्शन रूम शुरू किया जाएगा। पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी की लैब्स शुरू कर दी गई हैं। कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दिया गया है। नई डिजिटल एक्स-रे मशीन का उद्घाटन किया गया है और 200 रुपये से कम की सभी जांचें मुफ्त कर दी गई हैं।
बेड क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि
संस्थान की कुल बेड क्षमता 578 से बढ़कर 632 हो गई है। इसमें 75 बेड वाले आईसीयू, 12 बेड वाले एसीसीयू, 22 बेड वाले ट्रॉमा ट्रायेज, 6 बेड वाले ट्रॉमा आईसीयू और 35 बेड वाले आईपीडी शामिल हैं। प्राइवेट वार्ड की संख्या भी 15 से बढ़कर 29 कर दी गई है। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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महत्वपूर्ण उपलब्धियां और नए विभाग
एम्स गोरखपुर ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। कैथ लैब को 13.8 करोड़ रुपये में मंजूरी मिल चुकी है। रोबोटिक सर्जरी के लिए 30 करोड़ रुपये सीएसआर के तहत स्वीकृत हुए हैं। 3 टेस्ला एमआरआई मशीन भी सीएसआर के माध्यम से आने वाली है। असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी यानी आईवीएफ की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।
नए विभागों के रूप में एंडोक्रिनोलॉजी, यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी तथा बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी शुरू किए गए हैं।
शैक्षणिक प्रगति और कोर्स
शैक्षणिक मोर्चे पर भी एम्स गोरखपुर ने अच्छी प्रगति की है। यहां पीजी सीट्स की संख्या 166 हो गई है। आठ विषयों में 18 छात्र डीएम कोर्स कर रहे हैं। सात विषयों में पीडीएफ और चार विषयों में पीडीसीसी कोर्स चल रहे हैं। इसके अलावा एमबीबीएस, बीएससी और एमएससी नर्सिंग तथा चार पैरामेडिकल कोर्स भी संचालित हो रहे हैं।
सीएमई, वर्कशॉप और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां
पिछले एक वर्ष में 11 सीएमई और वर्कशॉप आयोजित किए गए। हेड इंजरी अवेयरनेस डे पर गोरखपुर सांसद रवि किशन मुख्य अतिथि रहे। सीबीआरएन ट्रेनिंग, इबोला वायरस जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम सहित कई महत्वपूर्ण आयोजन हुए। सात फैकल्टी सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुतियां दी हैं।
नई नेतृत्व व्यवस्था और अन्य सुविधाएं
प्रो. डॉ. हेमंत कुमार (पद्मश्री सम्मानित) नए प्रेसिडेंट बने हैं और नए इंस्टीट्यूट बॉडी व गवर्निंग बॉडी सदस्य शामिल हुए हैं। पावर ग्रिड के सीएसआर के तहत 500 बेडेड नाइट शेल्टर का निर्माण चल रहा है। गेट नंबर 2 पर पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
डिजिटल स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन को अपनाते हुए एम्स गोरखपुर डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन, डेटा रिकॉर्डिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम विकसित कर रहा है। कम्युनिटी मेडिसिन एंड फैमिली मेडिसिन विभाग में अलग सेक्शन बनाया जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर ढंग से समझा और प्रबंधित किया जा सके।














































