लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा ने कानपुर के अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के गंभीर मामले में रिपोर्ट मांगी है। मामले में अब कानपुर के वरिष्ठ अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
विधानसभा में भाजपा विधायक अमिताभ बाजपेयी द्वारा विशेषाधिकार हनन का मामला उठाए जाने के बाद कार्रवाई हुई है। प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने इस संबंध में पत्र जारी कर कानपुर पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को 15 कार्यदिवसों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
मामला क्या है?
विधायक अमिताभ बाजपेयी ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि कानपुर के कुछ अधिकारियों द्वारा उनके विशेषाधिकारों का हनन किया गया। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा सचिवालय ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
अब क्या होगा?
– पुलिस कमिश्नर और डीएम को 15 कार्यदिवसों में पूरी रिपोर्ट देनी होगी।
– रिपोर्ट में घटना का पूरा विवरण, संबंधित दस्तावेज और अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करनी होगी।
– यदि रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
यह घटना विधानसभा की गरिमा और विधायकों के विशेषाधिकारों को लेकर सख्त रुख का संकेत दे रही है। विधानसभा की विशेषाधिकार समिति इस मामले की आगे सुनवाई भी कर सकती है।














































