CJP के बाद अब ‘Ishq Karo Party’ की एंट्री! पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने कर दिया बड़ा ऐलान

भारत के उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने देश में एक नए राजनीतिक दल ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) के गठन का ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी के लिए सदस्यता अभियान भी शुरू कर दिया है और लोगों से जुड़ने की अपील की है। काटजू ने बताया कि वह पार्टी के संरक्षक की भूमिका निभाएंगे और जल्द ही पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए जाएंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा निशाना

नई पार्टी की घोषणा के साथ ही काटजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनके मुताबिक, यदि मंत्री पद छोड़ भी दें तो उनकी जगह कोई और आ जाएगा, जिससे मूल समस्याओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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सदस्यता और पदाधिकारियों को लेकर बड़ा दावा

काटजू ने बताया कि इश्क करो पार्टी में 44 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग सदस्य बन सकते हैं। उन्होंने इच्छुक लोगों से पार्टी अध्यक्ष इरफान अली से संपर्क करने को कहा है। उनका दावा है कि पार्टी से जुड़ने वाले योग्य लोगों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी दी जा सकती हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी का विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा।

बेरोजगारी, गरीबी और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर फोकस

इश्क करो पार्टी के उद्देश्य बताते हुए काटजू ने कहा कि उनका संगठन देश के वास्तविक सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने बेरोजगारी, भूख, गरीबी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शिक्षा से जुड़े सवालों को पार्टी के मुख्य एजेंडे में शामिल बताया। उनका कहना है कि राजनीति को केवल भावनात्मक और धार्मिक बहसों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

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NEET विवाद को लेकर CJP का आंदोलन जारी

वहीं, CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का इस्तीफा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi की जिम्मेदारी है। दीपके का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति वास्तविक जनसमस्याओं से भटक गई है, जबकि बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है। NEET पेपर लीक और CBSE की मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए हैं।

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