अमेठी: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने वीडियो संदेश जारी कर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले में बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने और निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर प्रकरण को सीमित करने की कोशिश की जा रही है।
जांच की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दीपक सिंह ने कहा कि सामान्य तौर पर किसी भी मामले में पहले एफआईआर दर्ज होती है और उसके बाद जांच एजेंसी या एसआईटी का गठन किया जाता है। लेकिन इस प्रकरण में पहले एसआईटी का गठन किया गया और बाद में एफआईआर दर्ज हुई। उनके अनुसार, यही क्रम सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
‘बड़े लोगों को बचाने का प्रयास’ का आरोप
पूर्व कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी मात्रा में नकदी के साथ ही सोने, चांदी और हीरे-जवाहरात का चढ़ावा आया था। उनका कहना है कि मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय छोटे कर्मचारियों को आरोपी बनाकर पूरे प्रकरण को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
कर्मचारियों को निशाना बनाने का दावा
दीपक सिंह ने कहा कि जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, वे मंदिर में कार्यरत कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि इन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए ताकि यदि किसी उच्च स्तर की भूमिका रही हो तो वह भी सामने आ सके।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
कांग्रेस नेता ने मांग की कि मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई हो। वहीं, इस मामले में भाजपा या संबंधित पक्ष की ओर से दीपक सिंह के आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















































