इटावा: समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। यूनिवर्सिटी में करोड़ों रुपये की फर्नीचर और फायर सेफ्टी उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं का मामला अब उत्तर प्रदेश विधान परिषद तक पहुंच गया है।
समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य मुकुल यादव ने नियम-110 के तहत यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में वित्तीय नियमों और पारदर्शिता की अनदेखी की गई, जिससे करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रबंधन भी लगातार सवालों के घेरे में है। इससे पहले यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस समारोह में क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर भी बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था। उस समय समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे प्रोटोकॉल और राजनीतिक शिष्टाचार की अनदेखी बताते हुए तीखी नाराजगी जताई थी।
अब खरीद में कथित अनियमितताओं का मामला विधान परिषद में उठने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है। विपक्ष ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में अभी तक यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



















































