UP: आजमगढ़ में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने का डर दिखाकर एक व्यक्ति से 26.70 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में आजमगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान जहांगीर आलम पुत्र मो. रईस, निवासी मछली माहौल, लालकुर्ती, आमीनाबाद, लखनऊ, उम्र करीब 27 वर्ष के रूप में हुई है। उसके पास से दो मोबाइल फोन, 2,070 नकद और कई मोबाइल नंबरों से जुड़े सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
बैंक खाते में गलत लेनदेन बताकर बनाया दबाव
पुलिस के अनुसार, पीड़ित को अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल की गई थी। कॉल करने वालों ने खुद को सीआईओ अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसके बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन हुआ है और उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने का झांसा देकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भयभीत किया गया और उससे रकम ट्रांसफर कराई गई।
Also Read: UP: गंगाजल की शीशी खरीदो, तभी बनेगा आधार कार्ड! रायबरेली के डाकघर में अनोखा मामला
कई खातों में ट्रांसफर कराए 26.70 लाख
आरोप है कि साइबर ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में पीड़ित से कुल ₹26,70,000 जमा करा लिए। शिकायत मिलने के बाद थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ में मु0अ0सं0 32/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 318(4), 319(2), 204 बीएनएस और 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल इनपुट के जरिए आरोपी की पहचान की। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस लखनऊ पहुंची और जहांगीर आलम को उसकी सहमति से आजमगढ़ लेकर आई। पूछताछ और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में उसकी भूमिका सामने आने के बाद 20 अगस्त 2026 को सुबह 11:35 बजे पुलिस ने उसे अभिरक्षा में ले लिया।
Also Read: UP: शीशगढ़ में घर से लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी, मां ने तीन युवकों पर लगाया अपहरण का आरोप
मोबाइल-सिम बरामद, मुकदमे में बढ़ी एक और धारा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल करता था। खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर बैंक खाते में गड़बड़ी और मुकदमे का डर दिखाया जाता था, फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल, 2,070 नकद और विभिन्न नंबरों के सिम कार्ड मिलने के बाद मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)


















































